Wednesday, March 13, 2013

कभी

कभी भीगती पलकों ने तन्हाई से करायी मेरी मुलाकात,
कभी खामोश मंजर ने सुनाई चुप रहके हर रूठी बात,
कभी राहों का सूनापन मुझे याद दिलाये तेरा साथ,
कभी बेचैन दर्द का एहसास मुझे झिंझोर के रख दे हर बार,
कभी तेरी कमी को हर वक़्त में खोजू, फिर आँखों की नमी को अन्दर ही समेट  लूँ,
कभी झूठी हंसी से छुपा लूँ दिल के जज़्बात, फिर मन को मनाऊं और बाँटू खुद से खुद के ख़यालात,
कभी भीगती पलकों ने तन्हाई से करायी मेरी मुलाकात,
कभी खामोश मंजर ने सुनाई चुप रहके हर रूठी बात.......!!!


निशा :) smile always

अनमोल रिश्ते

रिश्तों के बंधन होते है अनमोल,
कोई न लगा सके इनका मोल,
बांटों और जियो हर पल को इनके साथ,
बांधों इनमे प्यार की गांठ,
दिल से लाओ नज़दीक हर एहसास,
बनाओ इनमे ही कुछ रिश्तों को ख़ास,
खुबसूरत पल जीकर भर लो इनमे मिठास,
एक पल आये ऐसा जब जुड़ जाये तुम्हारी हर आस,
शायद उस वक़्त जीने के लिए काफी होगा सिर्फ उनका आभास,
फिर हर अकेली राह पर पाओगे उनको अपने आस पास ......!!!!

निशा :) smile always

काश तू आ जाए...

ख़ामोशी का हर मंजर उस वक़्त मुझको कितना सताए ….
जब तेरी याद का हर पल मुझे तेरे पास बुलाये…… ….
रूठे हुए रास्ते का सूनापन मेरे दिल को बेचैन बनाये……
मन की हर एक आस में तेरी छवि दिखे और कहे काश तू आ जाए …….

खुबसूरत हंसी से भरी ठिठोलियाँ......
मासूम बारिश की बूंदों की तडपन फिर याद आये……
तेरे चलते हुए कदमो की आहट की गूंज ........
शाम की देहलीज पर मौजूद वो बातों में कैद हर किस्सा ........
हर पल तेरा मेरा साथ निभाने की वजह कहलाये ……
मन की हर एक आस में तेरी छवि दिखे और कहे काश तू आ जाए ……!!!

nisha :) smile always

मुस्कराने की वजह

मुस्कराने की वजह खोजने निकले हम,
पता चला वो तो है तुझमे ही कहीं गुम,
तेरे चेहरे पे आये जो एक हंसी,
मिले मेरे दिल को सुकून भरी ख़ुशी,
जो तेरी आँखें हो जाये नम,
तो ज़िन्दगी उदास हो मेरा वक़्त बन जाये गुमसुम,
तुझसे ये कैसा नाता जोड़ा मेरे हमदम,
की तेरे बिन एक पल को भी ज़िन्दगी में आगे न बढें मेरे कदम.....!!!

निशा :)smile always

हाथों में लेके हाथ उसका

हाथों में लेके हाथ उसका,
चल पड़े खोजने नए रास्ते और नयी मंजिलें,
सपनो की दुनिया में था चर्चा जिसका,
ले चले उसको हम अपने संग नए ख्वाबों को बुनने,
रुठते और मनाते दौर से गुजरा जो रिश्ता,
मजबूत जोड़ की गांठ बांध प्यार भरे नए सफ़र को चुनने,
मशहूर हो इन रास्तों पे होगा ऐसा कुछ तेरा मेरा हिस्सा,
सुख दुःख की हर रस्म को निभाने में प्यार होगा एक दूजे के सामने......!!!

nisha :) smile always

माँ कहके तेरा पल -पल बुलाना

सुबह शाम तेरा मुझे छोटी- छोटी जिद से सताना,
बोल-बोल कर दिन रात बस अपनी बातों से थकाना,
हर रात मेरे कंधे पर अपना सर रख कर यूँही सो जाना,
जी भर कर तेरा मुझे हर बात पर प्यार जताना,
हर छोटी चोट पर मुझे पुकार कर अपना दर्द दिखाना,
मासूमियत से भरे तेरे ख्यालों तक जाने कितनी बातों का आजाना,
कभी-कभी सपनो से डरकर नींद में तेरा मुझमे सिमटकर पास आना,
बहुत अच्छा लगता है मुझे माँ कहके तेरा पल -पल बुलाना,
बहुत अच्छा लगता है मुझे माँ कहके तेरा पल -पल बुलाना...........!!!!


nisha :) smile always

दबे पैरो की आहट लिए आया कोई मेरे रस्ते...

दबे पैरो की आहट लिए आया कोई मेरे रस्ते....
दिल में एक तस्वीर बनाई और बोला मुझसे हँसते हँसते....
दिल के ज़ज्बातों में डूबी हर एक बात है प्यारी....
पर इनको महसूस करके मुझ पर हंसती है दुनिया सारी......
मैं बोली मेरी बात मान ओह पगले हर किसी से यूँ दिल ना लगा.....
ज़ज्बातों से भरे समंदर के बहाव में खुद को यूँ ना बहा.....
इस दुनिया की रीत है जिसमे तू भी फंस कर रह जायेगा.....
अपने हिस्से का सब जी लेंगे बस तू एक सोच सोच कर पछतायेगा.....
मन के हिस्सेदारों में मिलेंगे कुछ तुझको ऐसे लुटेरे.....
जिनको समझना चाह कर भी तू कभी ना समझ पायेगा.....
वक़्त की कसौटी पर तू सही तब ही कहलायेगा.....
जब दिल की कीमत जान तू उसके सही हिस्से कर पायेगा.....!!!

निशा

Tuesday, January 8, 2013

this poem is dedicated to all the rape victims who had seen the real truth of this unacceptable reality of life, while writing this i was in tears....

आज एक बंद अँधेरी कोठरी में मैंने एक लड़की को पाया,
हैवानियत के दर्द में लिपटा उसका रोम-रोम चिल्लाया,
जिस उम्र में थे करने साकार सपने कई,
उस दौर में उसने अंतरिम दर्द के सिवा कुछ न पाया,
भूखी नज़रों ने जो किया उसपे वार,
जिस्म से आह निकली और दिल का हर हिस्सा टूट कर कहराया,
भूल गए वो दरिन्दे की एक औरत (माँ) ने ही उनको अपनी कोक से जन्माया,
इंसानियत का हैवानियत में बदलता रूप मैंने आज इस दास्तान में पाया,
ज़िन्दगी की इस कड़वी सच्चाई से बदल गयी उसकी हर आस,
हर चीख् मे दबा था उसके टूट कर बिखरने का एहसास,
अकेला छोड़ उसे दुनिया का कोई इंसान न पहुंचा उसके पास,
एक दर्द भरी कहानी का हिस्सा बनके रह गई वो जिसे बनना था कुछ ख़ास,
चाहती हूँ मैं इस दर्द से उभर कर फिर उठे वो एक बार,
अँधेरे रास्ते को छोड़ नयी राह चुन  अब उन अत्याचारियों पर करे वो वार,
गलत को मिले  ऐसी सजा की फिर न कभी किसी लड़की पर कोई नज़र डाल सके,
इज्जत होती है क्या इस समाज को वो अपने हक़ की लड़ाई लड़ फिर बतला सके ...............!!!!!!

निशा :)smile always

इच्छा..........

ऊँचाइयों के शिखर को  छू लेने की इच्छा,
अपने अस्तित्व की खोज में गगंचुमती उम्मीदों को पा लेने की इच्छा,
अँधेरे जहां को रोशनी का आधार दे एक साकार सपने की इच्छा,
कोशिश कर खुद को हर संघर्ष में ज़िन्दगी को जीत जाने की इच्छा,
सुख की तलाश में दुःख के हर दर्द से उभर कर जी जाने की इच्छा,
आज में जीकर आने वाले कल के लिए खुद को सक्षम बनाने की इच्छा,
हर रूठे रिश्ते की नीव को नया रूप देकर हर वक़्त में उसका साथ निभाने की इच्छा,
बरबस चूमती मन की हर ख्वाहिश को ज़िन्दगी का एक मात्र लक्ष्य बनाने की इच्छा,
इच्छा दिल में जीने के जज्बे को नया रूप देकर आगे बढाती है,
हर दिन नए सपनो की दुनिया का एक हिस्सा ये इच्छा ही कहलाती है ......!!!

nisha :) smile always

yunhiii....

दुनिया की भीड़ के बीच मेरे नाम को मिले एक पहचान,
जाना पहचाना सा हो रास्ता या फिर हर राह हो मुझसे अनजान,
अँधेरे को मिले ऐसी रोशनी  उगते सूरज को भेजे कोई सलाम,
बीतते हर पल के साथ लाऊं मंजिल को अपनी ओर चाहे गुजरे कितनी ही सुबह और शाम....!!!

nisha :) smile always